Contents
- 1 Introduction / परिचय: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का उदय और सब्सिडी का महत्व
- 2 FAME-II Scheme: The Foundation of Electric Car Subsidies / FAME-II योजना: इलेक्ट्रिक कारों के लिए सब्सिडी का आधार
- 3 PM E-DRIVE Scheme: Impact on Electric Cars / PM E-DRIVE योजना: इलेक्ट्रिक कारों पर प्रभाव
- 4 State-Level Incentives: Additional Benefits for Electric Cars / राज्य-स्तरीय प्रोत्साहन: इलेक्ट्रिक कारों के लिए अतिरिक्त लाभ
- 5 Other Government Policies: Boosting EV Adoption / अन्य सरकारी नीतियां: EV अपनाने को बढ़ावा
- 6 Comparison: Subsidies for Electric Cars vs. Other Vehicles in 2025 / तुलना: 2025 में इलेक्ट्रिक कारों के लिए सब्सिडी बनाम अन्य वाहन
- 7 Environmental Impact and User Savings / पर्यावरणीय प्रभाव और उपयोगकर्ता की बचत
- 8 Real-World Usability: Performance on Indian Roads / वास्तविक उपयोगिता: भारतीय सड़कों पर प्रदर्शन
- 9 Maintenance, Safety, and Battery Technology /रखरखाव, सुरक्षा और बैटरी तकनीक
- 10 User FAQs and Misconceptions / उपयोगकर्ता FAQs और गलतफहमियां
- 10.1 1. What subsidies are available for electric cars in 2025? / 2025 में इलेक्ट्रिक कारों के लिए कौन सी सब्सिडी उपलब्ध हैं?
- 10.2 2. Does the PM E-DRIVE scheme cover electric cars? / क्या PM E-DRIVE योजना इलेक्ट्रिक कारों को कवर करती है?
- 10.3 3. Are state-level subsidies the same across all states? / क्या राज्य-स्तरीय सब्सिडी सभी राज्यों में समान हैं?
- 10.4 4. Do electric cars have good resale value? / क्या इलेक्ट्रिक कारों की रीसेल वैल्यू अच्छी है?
- 10.5 5. Is it difficult to find charging stations? / क्या चार्जिंग स्टेशन ढूंढना मुश्किल है?
- 11 Final Thoughts and 2025 Future Outlook / निष्कर्ष और 2025 का भविष्य दृष्टिकोण
Introduction / परिचय: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का उदय और सब्सिडी का महत्व
Electric Car Subsidies in India, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV / इलेक्ट्रिक वाहन) की मांग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। पर्यावरणीय चिंताएं, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें, और सरकारी प्रोत्साहन इस बदलाव को गति दे रहे हैं। 2024 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 17.5 लाख यूनिट्स तक पहुंची, और सरकार ने 2030 तक 30% निजी वाहनों को विद्युतीकृत करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस क्रांति में, इलेक्ट्रिक कारों पर सरकारी सब्सिडी / Government subsidies for electric cars एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये सब्सिडी न केवल इलेक्ट्रिक कारों को किफायती बनाती हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देकर वायु प्रदूषण को कम करने में भी मदद करती हैं।
FAME-II subsidies, 2025 में, भारत में इलेक्ट्रिक कारों के लिए सब्सिडी का परिदृश्य FAME-II योजना, PM E-DRIVE योजना, और विभिन्न राज्य-स्तरीय प्रोत्साहनों पर निर्भर करता है। हालांकि, हाल के सरकारी बयानों और नीतिगत बदलावों ने संकेत दिया है कि इलेक्ट्रिक कारों के लिए केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष सब्सिडी सीमित हो सकती है, जबकि राज्य सरकारें और अन्य प्रोत्साहन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस लेख में, हम 2025 में भारत में इलेक्ट्रिक कारों पर उपलब्ध सरकारी सब्सिडी / government subsidies का विस्तार से विश्लेषण करेंगे। हम राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय नीतियों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरणीय प्रभाव, और उपयोगकर्ताओं की आम चिंताओं को कवर करेंगे। चाहे आप एक संभावित EV खरीदार हों या पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिक, यह मार्गदर्शिका आपको इलेक्ट्रिक कारों पर सब्सिडी के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करेगी।
FAME-II Scheme: The Foundation of Electric Car Subsidies / FAME-II योजना: इलेक्ट्रिक कारों के लिए सब्सिडी का आधार

FAME-II subsidies, FAME-II (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles in India Phase II) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे 2019 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और अपनाने को बढ़ावा देना है। इस योजना का कार्यकाल मूल रूप से 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 तक था, जिसे बाद में 31 जुलाई 2024 तक बढ़ाया गया। संसदीय समिति ने इसे और तीन साल तक बढ़ाने की सिफारिश की है, जिसका अर्थ है कि यह 2025 तक प्रभावी रह सकती है। FAME-II का कुल बजट ₹10,000 करोड़ है, जिसमें से 86% धन मांग प्रोत्साहन (डिमांड इंसेंटिव) के लिए आवंटित किया गया है।
FAME-II Subsidies for Electric Cars / इलेक्ट्रिक कारों के लिए FAME-II सब्सिडी
FAME-II subsidies के तहत, इलेक्ट्रिक कारों को निम्नलिखित सब्सिडी प्रदान की जाती है:
- सब्सिडी राशि: ₹10,000 प्रति kWh, जिसमें कुल वाहन लागत का 40% तक की सीमा है।
- उदाहरण: एक 15 kWh बैटरी वाली इलेक्ट्रिक कार के लिए अधिकतम सब्सिडी ₹1,50,000 हो सकती है। उदाहरण के लिए, Tata Tiago EV (24 kWh बैटरी) पर ₹2,40,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है, लेकिन वाहन लागत की सीमा के आधार पर यह राशि कम हो सकती है।
- लागू मॉडल: Tata Tiago EV, Tata Punch EV, MG Comet EV, और अन्य किफायती मॉडल इस योजना के तहत पात्र हैं।
- अन्य लाभ: चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी धन आवंटित किया गया है, जो EV उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है।
FAME-II subsidies, हालांकि, 2025 में FAME-II का भविष्य अनिश्चित है। कुछ सरकारी बयानों, जैसे कि वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का बयान, ने संकेत दिया है कि EV क्षेत्र को अब नई सब्सिडी की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बैटरी लागत कम हो रही है और उपभोक्ता स्वेच्छा से EVs की ओर बढ़ रहे हैं। फिर भी, FAME-II का विस्तार या FAME-III का शुरू होना 2025 में इलेक्ट्रिक कारों के लिए सब्सिडी को प्रभावित करेगा।
PM E-DRIVE Scheme: Impact on Electric Cars / PM E-DRIVE योजना: इलेक्ट्रिक कारों पर प्रभाव
PM E-DRIVE scheme, 2024 में, भारत सरकार ने PM E-DRIVE (Prime Minister Electric Drive) योजना को मंजूरी दी, जिसका बजट ₹10,900 करोड़ है। यह योजना सितंबर 2024 में शुरू हुई और इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत, लगभग 24.79 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 3.2 लाख इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे। प्रोत्साहन राशि 2024-25 में ₹5,000 प्रति kWh और 2025-26 में ₹2,500 प्रति kWh है।
Impact on Electric Cars / इलेक्ट्रिक कारों के लिए PM E-DRIVE का प्रभाव
- कोई प्रत्यक्ष सब्सिडी: PM E-DRIVE योजना में इलेक्ट्रिक कारों या हाइब्रिड वाहनों के लिए कोई प्रत्यक्ष सब्सिडी शामिल नहीं है। यह योजना मुख्य रूप से दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर केंद्रित है।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: योजना में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए धन आवंटित किया गया है, जो इलेक्ट्रिक कार उपयोगकर्ताओं को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाएगा।
- प्रभाव: इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष सब्सिडी के लिए FAME-II या भविष्य की FAME-III योजना पर निर्भर रहना होगा।
PM E-DRIVE scheme का ध्यान दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर होने के कारण, इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को राज्य-स्तरीय प्रोत्साहनों और अन्य नीतियों पर अधिक ध्यान देना होगा।
State-Level Incentives: Additional Benefits for Electric Cars / राज्य-स्तरीय प्रोत्साहन: इलेक्ट्रिक कारों के लिए अतिरिक्त लाभ
State-level EV incentives, केंद्र सरकार की सब्सिडी के अलावा, कई राज्य सरकारें इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने के लिए अपनी नीतियां लागू करती हैं। ये प्रोत्साहन रोड टैक्स छूट, रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट, और प्रत्यक्ष सब्सिडी के रूप में हो सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख राज्यों और उनके प्रोत्साहनों की सूची दी गई है:
प्रमुख राज्य और उनके प्रोत्साहन / Key States and Their Incentives
- महाराष्ट्र:
- सब्सिडी: पहले 10,000 इलेक्ट्रिक कार खरीदारों के लिए ₹1.5 लाख तक की सब्सिडी।
- अन्य लाभ: रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूर्ण छूट।
- उदाहरण: एक Tata Punch EV खरीदार महाराष्ट्र में ₹1.5 लाख तक की बचत कर सकता है।
- दिल्ली:
- सब्सिडी: ₹1.5 लाख तक की प्रत्यक्ष सब्सिडी।
- अन्य लाभ: रोड टैक्स में 100% छूट, रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट।
- उदाहरण: दिल्ली में MG Comet EV की खरीद पर ₹1.5 लाख की सब्सिडी और टैक्स छूट मिल सकती है।
- गुजरात:
- सब्सिडी: इलेक्ट्रिक कारों पर ₹1.5 लाख तक की सब्सिडी।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: 528 चार्जिंग स्टेशनों के लिए ₹10 लाख तक की सब्सिडी।
- अन्य लाभ: रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट।
- कर्नाटक:
- सब्सिडी: ₹50,000 तक की प्रत्यक्ष सब्सिडी।
- अन्य लाभ: रोड टैक्स में छूट।
- तमिलनाडु:
- सब्सिडी: ₹50,000 तक की सब्सिडी।
- अन्य लाभ: रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट।
Government subsidies for electric cars, इन प्रोत्साहनों का लाभ उठाने के लिए खरीदारों को अपने राज्य की EV नीतियों की जांच करनी चाहिए। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्य इलेक्ट्रिक कार खरीदारों के लिए सबसे आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान करते हैं।
Other Government Policies: Boosting EV Adoption / अन्य सरकारी नीतियां: EV अपनाने को बढ़ावा

Electric Car Subsidies in India, केंद्र और राज्य सरकारों ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य नीतियां लागू की हैं, जो इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाती हैं।
Development of Charging Infrastructure / चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
- वर्तमान स्थिति: 2025 तक, भारत में 16,347 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, और सरकार ने 2030 तक 39 लाख स्टेशनों का लक्ष्य रखा है।
- PM E-DRIVE का योगदान: इस योजना में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए धन आवंटित किया गया है, जो इलेक्ट्रिक कार उपयोगकर्ताओं के लिए चार्जिंग को सुविधाजनक बनाएगा।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी: Tata Power, ChargeZone, और BPCL जैसे प्रदाता चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं।
टैक्स लाभ / Tax Benefits
- आयकर छूट: धारा 80EEB के तहत, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर ₹1.5 लाख तक की कर छूट उपलब्ध है।
- GST लाभ: इलेक्ट्रिक वाहनों पर GST दर 5% है, जबकि ICE वाहनों पर यह 28% तक हो सकती है।
- वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी: पुराने ICE वाहनों को स्क्रैप करने पर प्रोत्साहन, जो EV खरीद को प्रोत्साहित करता है।
उद्योग समर्थन / Industry Support
- PLI योजना: उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (Production Linked Incentive) योजना के तहत, EV और बैटरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹25,938 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- नई EV नीति 2024: यह नीति भारत को EV निर्माण का केंद्र बनाने के लिए शुरू की गई, जिसमें आयातित EVs पर 15% सीमा शुल्क लागू है।
Electric Car Subsidies in India, ये नीतियां इलेक्ट्रिक कारों की लागत को कम करने और उनके अपनाने को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हैं।
Comparison: Subsidies for Electric Cars vs. Other Vehicles in 2025 / तुलना: 2025 में इलेक्ट्रिक कारों के लिए सब्सिडी बनाम अन्य वाहन
Government subsidies for electric cars, 2025 में, इलेक्ट्रिक कारों के लिए सब्सिडी की तुलना दोपहिया और तिपहिया वाहनों से करने पर कुछ अंतर स्पष्ट होते हैं।
Electric Cars vs. Two-Wheelers and Three-Wheelers / इलेक्ट्रिक कारों बनाम दोपहिया और तिपहिया वाहन
- FAME-II:
- दोपहिया: ₹15,000 प्रति kWh, वाहन लागत का 40% तक।
- तिपहिया: ₹10,000 प्रति kWh।
- चार-पहिया: ₹10,000 प्रति kWh, वाहन लागत का 40% तक।
- PM E-DRIVE:
- दोपहिया और तिपहिया: ₹5,000 प्रति kWh (2024-25), ₹2,500 प्रति kWh (2025-26)।
- चार-पहिया: कोई प्रत्यक्ष सब्सिडी नहीं।
- राज्य-स्तरीय प्रोत्साहन:
- दोपहिया: अधिकांश राज्यों में ₹20,000 तक की सब्सिडी।
- तिपहिया: ₹50,000 तक की सब्सिडी।
- चार-पहिया: ₹1.5 लाख तक की सब्सिडी (महाराष्ट्र, दिल्ली)।
विश्लेषण / Analysis
- दोपहिया और तिपहिया: PM E-DRIVE योजना के तहत प्रत्यक्ष सब्सिडी उपलब्ध है, जो इन वाहनों को अधिक किफायती बनाती है।
- चार-पहिया: FAME-II और राज्य-स्तरीय प्रोत्साहन उपलब्ध हैं, लेकिन PM E-DRIVE में इनका उल्लेख नहीं है। यह इंगित करता है कि सरकार का ध्यान दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर अधिक है।
- प्रभाव: इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को FAME-II और राज्य-स्तरीय प्रोत्साहनों पर निर्भर रहना होगा।
Environmental Impact and User Savings / पर्यावरणीय प्रभाव और उपयोगकर्ता की बचत

Government subsidies for electric cars, इलेक्ट्रिक कारें पर्यावरण के लिए लाभकारी हैं क्योंकि ये शून्य टेलपाइप उत्सर्जन उत्पन्न करती हैं। भारत में, जहां वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, EVs स्वच्छ परिवहन का समाधान हैं। इलेक्ट्रिक कारों के पर्यावरणीय लाभ / environmental benefits of electric cars में शामिल हैं:
- कम कार्बन उत्सर्जन: EVs पारंपरिक वाहनों की तुलना में तीन गुना कम CO2 उत्सर्जित करते हैं।
- ऊर्जा दक्षता: EVs में 60% ऊर्जा दक्षता होती है, जबकि ICE वाहनों में केवल 17-21%।
- नवीकरणीय ऊर्जा: भारत में 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य EVs को और हरित बनाएगा।
उपयोगकर्ता की बचत / User Savings
- ईंधन लागत: EVs को चार्ज करने की लागत पेट्रोल/डीजल की तुलना में बहुत कम है। उदाहरण के लिए, Tata Punch EV को 350 किमी की यात्रा के लिए चार्ज करने में लगभग ₹200-300 खर्च होंगे, जबकि एक समान ICE कार के लिए ₹1000-1500।
- रखरखाव लागत: EVs में कम मूविंग पार्ट्स होते हैं, जिससे रखरखाव लागत कम होती है।
सब्सिडी और कम चलाने की लागत EVs को दीर्घकालिक निवेश बनाते हैं। Government subsidies for electric cars
Real-World Usability: Performance on Indian Roads / वास्तविक उपयोगिता: भारतीय सड़कों पर प्रदर्शन
Electric Car Subsidies in India, भारतीय सड़कें गड्ढों, ट्रैफिक जाम, और विविध मौसम की चुनौतियों से भरी हैं। इलेक्ट्रिक कारें, जैसे Tata Tiago EV और MG Comet EV, अपने मजबूत निलंबन और अच्छे ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करती हैं। Tata Punch EV अपने माइक्रो SUV डिज़ाइन के कारण शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपयुक्त है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर / Charging Infrastructure
- वर्तमान स्थिति: 2025 तक, भारत में 16,347 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं।
- भविष्य का लक्ष्य: सरकार 2030 तक 39 लाख स्टेशनों का लक्ष्य रखती है।
- प्रदाता: Tata Power, ChargeZone, और BPCL जैसे प्रदाता नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं।
हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशनों की कमी एक चुनौती है। शहरी उपयोगकर्ताओं के लिए, चार्जिंग सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
Maintenance, Safety, and Battery Technology /रखरखाव, सुरक्षा और बैटरी तकनीक
रखरखाव / Maintenance / Electric Car Subsidies in India
- EVs में कम रखरखाव लागत होती है, क्योंकि इनमें तेल परिवर्तन या अन्य नियमित सेवाओं की आवश्यकता नहीं होती।
- Tata Punch EV और Tiago EV 8 साल/1.6 लाख किमी की बैटरी वारंटी प्रदान करते हैं।
- MG Comet EV भी समान वारंटी देता है।
सुरक्षा / Safety
- Tata Punch EV: 5-स्टार Bharat NCAP, ADAS L2+, 6 एयरबैग्स।
- Tata Tiago EV: 4-स्टार Global NCAP, डुअल एयरबैग्स।
- MG Comet EV: बेसिक सुरक्षा, डुअल एयरबैग्स।
बैटरी तकनीक / Battery Technology
- अधिकांश EVs लिथियम-आयन बैटरियों का उपयोग करती हैं।
- Tata EVs में BYD की ब्लेड सेल तकनीक है, जो सुरक्षा और स्थायित्व को बढ़ाती है।
- MG Comet EV में भी विश्वसनीय बैटरी तकनीक है।
User FAQs and Misconceptions / उपयोगकर्ता FAQs और गलतफहमियां
1. What subsidies are available for electric cars in 2025? / 2025 में इलेक्ट्रिक कारों के लिए कौन सी सब्सिडी उपलब्ध हैं?
FAME-II के तहत ₹10,000 प्रति kWh की सब्सिडी उपलब्ध है, और कई राज्य ₹1.5 लाख तक की सब्सिडी प्रदान करते हैं।
2. Does the PM E-DRIVE scheme cover electric cars? / क्या PM E-DRIVE योजना इलेक्ट्रिक कारों को कवर करती है?
नहीं, PM E-DRIVE योजना मुख्य रूप से दोपहिया और तिपहिया वाहनों को कवर करती है। PM E-DRIVE scheme
3. Are state-level subsidies the same across all states? / क्या राज्य-स्तरीय सब्सिडी सभी राज्यों में समान हैं?
State-level EV incentives, नहीं, प्रत्येक राज्य की अपनी नीतियां हैं। महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान करते हैं।
4. Do electric cars have good resale value? / क्या इलेक्ट्रिक कारों की रीसेल वैल्यू अच्छी है?
हां, Tata और MG जैसे ब्रांडों की EVs में अच्छा रीसेल वैल्यू होता है।
5. Is it difficult to find charging stations? / क्या चार्जिंग स्टेशन ढूंढना मुश्किल है?
नहीं, भारत में 16,347 स्टेशन हैं, और यह संख्या बढ़ रही है।
गलतफहमियां / Misconceptions:
- मिथक: EVs की रेंज बहुत कम होती है।
वास्तविकता: Tata Punch EV 421 किमी तक की रेंज देता है। - मिथक: EVs महंगे हैं।
वास्तविकता: सब्सिडी और कम चलाने की लागत EVs को किफायती बनाती हैं।
Final Thoughts and 2025 Future Outlook / निष्कर्ष और 2025 का भविष्य दृष्टिकोण
Electric Car Subsidies in India, 2025 में, भारत में इलेक्ट्रिक कारों पर सरकारी सब्सिडी FAME-II और राज्य-स्तरीय प्रोत्साहनों के माध्यम से उपलब्ध हैं। PM E-DRIVE योजना इलेक्ट्रिक कारों को प्रत्यक्ष रूप से कवर नहीं करती, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। FAME-III के शुरू होने की संभावना है, जो इलेक्ट्रिक कारों के लिए नए प्रोत्साहन ला सकती है। इलेक्ट्रिक कारें भारत के स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन के भविष्य का हिस्सा हैं, और सरकारी सब्सिडी इस अपनाने की प्रक्रिया को तेज कर रही हैं।
कौन लाभ उठाए:
- शहरी ड्राइवर: जो किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प चाहते हैं।
- परिवार: जो सुरक्षा और दीर्घकालिक बचत की तलाश में हैं।
- पर्यावरण प्रेमी: जो शून्य उत्सर्जन वाहनों को प्राथमिकता देते हैं।
Electric Car Subsidies in India, इलेक्ट्रिक कारों पर सब्सिडी भारत के हरित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





